Tutla Bhawani Waterfall

Tutla Bhawani Waterfall

नमस्कार दोस्तों Technical Expert Baba के ब्लॉग्गिंग सेक्शन में आप सभी लोगो का स्वागत है | दोस्तों मेरा नाम है मुकेश कुमार और आज हम  बात करेंगे | एक ऐसी झरना के बारे में जो की आने वाले दिनों में वहा पर मानो बहुत जयादा भीड़ और मेला लगता है | दोस्तों ये झरना जो है भारत के बिहार राज्य के रोहतास जिला के तिलौथू  गॉव में कुछ अंदर तक़रीबन 6 km अंदर है | दोस्तों आपलोग बहुत से झरना देखे होंगे लेकिन दोस्तों ये झरना भी किसी से कम नहीं है | अगर आप इस झरना के सुंदरता देखेंगे तो कुछ पालो के लिए आप जरूर कहेगे की ये बहुत शानदार है | दोस्तों अगर आप यहाँ पर एक बार आएंगे तो बहुत अच्छा लगेगा लेकिन जब आप बारिश के मौसम में अगर आएंगे तो आपको यहाँ का नज़ारा बहुत अलग देखने को मिलेगा | दोस्तों इसका वीडियो हम आपको निचे देंगे आप जरूर पूरा देखे|  दोस्तों हम खुद इस waterfall के पास जाकर वीडियो को शूट किया है जो आपको वीडियो में देखने को मिलेगा |

दोस्तों क्या आप जानते है इस झरना का नाम तुतला भवानी क्यों हुआ ?

आईये आपको बताते है दोस्तों इस झरना का नाम इसको एक मंदिर के वह से मिला है जो की इस पहाड़ी में एकदम सटा हुआ है | जहा पर माता का दर्सन के लिए बहुत जयादा भीड़ होता है |

दोस्तों क्या आपलोग इस मंदिर का इतिहास जानते है ?

दोस्तों इस मंदिर को राजा प्रतापध्वल देव द्वारा लिखवाए गए दो शिलालेख यहां आज भी मौजूद हैं। पहले शिलालेख में 19 अपै्रल 1158 (1254 संवत शनिवासरे) को महिषासुर मर्दिनी अष्टभुजी मां दुर्गा की नयी प्रतिमा स्थापित करने का वर्णन है। दूसरे शिलालेख में राजा की पत्नी सुल्ही, भाई त्रिभुवन धवल देव, पुत्र बिक्रमध्वल देव, साहसध्वल देव तथा पांच पुत्रियों के साथ पूजा अर्चना करने का जिक्र है। यह मंदिर मनोवांछित फल प्राप्ति को लेकर प्रसिद्ध है। शारदीय नवरात्र की नवमी तथा श्रावण पूर्णिमा को रोहतास जिले के तिलौथू प्रखंड के कई गांवों के लोग पहले तुतलेश्वरी माता की पूजा अर्चना कर ही कुलदेवता की पूजा अर्चना करते हैं। श्रावण मास में पूरे माह मेला तथा नवरात्र में 9 दिनों के मेले का आयोजन होता है। मंदिर के बारे में ऐसी मान्यता है कि जो यहां अशुद्ध विचार से जाता है, उसे भ्रामरी देवी (भंवरा) का प्रकोप झेलना पड़ता है। दर्जनों लोगों के साथ घटनाएं घटी है। यहां बकरे की बलि देने का रिवाज है। किवदंती है कि मंदिर प्रांगण में नवरात्र की नवमी तिथि की मध्य रात्रि में परियों द्वारा नृत्य-गीत के साथ पूजा-अर्चना की जाती है। तुतलेश्वरी भवानी मंदिर के आसपास की प्राकृतिक छटा मनोरम है। महिषासुर मंर्दिनी की प्रतिमा तुतराही जल प्रपात के मध्य में स्थापित है। पूरे रोहतास व कैमूर जिले में इस प्रकार का अद्भुत जल प्रपात नहीं है।

दोस्तों ये झरना का पानी जो दो पहाड़ियों के बिच से आती है जो बहुत बड़ा और विशाल पर्वत है जो आपको देखने को मिलेगा | दोस्तों अगर आप बारिस के मौसम में जाते है तो आप इसके झरने के निचे नहीं जा पाएंगे क्यूंकि यहाँ परबहुत अधिक मात्रा में पानी निचे की और गिरता है | आप इसके झरना के पानी के झटास से ही भीग जायेगे | जैसा की मै वीडियो रिकॉर्ड करते हुए भीग गया था |

Tutla Bhawani Waterfall

Hello friends All the people are welcome in the blogging section of Technical Expert Baba. Friends My name is Mukesh Kumar and today we will talk. About a waterfall that seems to be very crowded and fair in the coming days. Friends, this waterfall is within 6 km inside some of the Tilothu Gov in Rohtas district of Bihar state of India. Friends, you may have seen many waterfalls, but friends, this waterfall is no less than anybody. If you look at the beauty of this waterfall, you will definitely say that for some Palo, this is very beautiful. Friends, if you come here once, it will be great, but when you come in the rainy season, you will find a different view here. Friends, we will give you the video below. Friends, we have personally shot this video by going to the water faal which you will find in the video.

Friends, do you know why this waterfall was named as Tutla Bhawani?

Let us tell you guys, this waterfall has got its name from a temple which is completely stuck in this hill. There is a lot of crowd for Mother’s Day.

Friends, do you know the history of this temple?

Friends The two inscribed inscriptions written by King Pratapdhal Dev are present here today. In the first inscription, the description of establishing a new statue of Mahishasur Mardini Ashtabhuji Durga is described on 19 April 1158 (1254 Samvat Shannasarera). In the second inscription, mention about worshiping of the king with his wife, Sullahi, brother, Tribhuvan, Dhawal Dev, son Bikramdhal Deva, Sahaswhal Dev and five daughters. This temple is famous for achieving desired results. The Navami and Shravan Purnima of the Shardi Navaratri are worshiped in the villages of Tilothu block in Rohtas district by offering worship of Tutleeshwari Mother first. In the month of Shravan, the fair is held for the whole month and nine days in Navaratri. There is such a belief about the temple that which goes here with the wrong thought, it has to bear the wrath of the Bhramari Devi (Swanwar). Events have happened with dozens of people. There is a custom to sacrifice a goat. It is said that in the temple premises, worship is performed with the dance songs by the fairies at midnight of Navaratri’s Navami. The natural shade surrounding Tutleeshwari Bhavani temple is panoramic. The statue of Mahishasur Mandini is set in the middle of the Tutarahi waterfall. There is no such wonderful waterfall in the entire Rohtas and Kaimur districts.
Friends, this waterfall water comes through two hills, which is a huge and huge mountain that you will find. Friends, if you go to the Baris season, you will not be able to go below its waterfall because the water is drastically lowered here. You will be drenched by the waterfall of its waterfall. As I was recording the video, I was drenched with water.

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Satyam Soni

My self Satyam Soni and i here with my new website Technical expert baba. Friends in this website you find all latest update regarding NSE and also we provide you latest news and application reviews to. And i hope that you all people support us.

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