CHANDRAYAN 2 को क्यों लग रहे है 48 दिन ?

CHANDRAYAN 2 को क्यों लग रहे है 48 दिन ?

नमस्कार दोस्तों Technical Expert Baba के ब्लॉग्गिंग सेक्शन में आप सभी लोगो का स्वागत है | दोस्तों मेरा नाम है मुकेश कुमार और आज हम बात करेंगे कुछ चंद्रयान के बारे में अभी कुछ दिन पहले ही लॉन्च हुआ है जी हां दोस्तों चंद्रयान -2 चंद्रयान -1 के बाद भारत का दूसरा चंद्र अन्वेषण मिशन है। भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन द्वारा विकसित, मिशन को 22 जुलाई 2019 को दोपहर 2.43 बजे IST से सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र में दूसरे लॉन्च पैड से जियोसिंक्रोनस सैटेलाइट लॉन्च व्हीकल मार्क III द्वारा लॉन्च किया गया था | दोस्तों जैसा की मैंने देखा है की चंद्रयान 2 को क्यों लगेंगे 48 दिन , ये जानना बहुत जरूरी है | तो दोस्तों बने रहे मेरे पुरे ब्लॉग के साथ और जाने की चंद्रयान 2 को क्यों लग रहे है 48 दिन वो भी बिलकुल आसान से तो दोस्तों चलते है और पूरा जानकारी लेते है चंद्रयान 2 के बारे में तो दोस्तों स्वागत है एक बार फिर से technical expert baba के ब्लॉग्गिंग सेक्शन में दोस्तों यहाँ पर आपको कोई भी चीज के बारे में जानकारी मिलिगे वो सभी सही और सटीक जानकारी होगी | आखिर अमेरिका , रूस , चीन मात्र 3 से 4 दिन में चाँद पर पहुँच जाते है और भारत को इतना टाइम क्यों लग रहा है ?

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चंद्रयान 2 को क्यों लगेंगे 48 दिन क्या है वजह ?

GSLV MK -III LIFT OFF SPACE CENTER SRIHARIKOTA भारतीय अंतरिक्ष अनुसन्धान संगठन के वैज्ञानिको ने दूसरे MOON मिशन चंद्रयान 2 को पृथवी के कक्षा में आगे बढ़ना सुरु कर दिया है अब बहुत सारे लोगो के मन में ये सवाल है की जब अमेरिका ,चीन ,रूस जैसे देश अपने यान को चाँद पर 3 से 4 दिन में पहुंचा सकता है तो भारत को इतना टाइम क्यों लग रहा है ? वो भी 48 दिन का टाइम क्यों लग रहा है ? लोगो में मन में ये भी सवाल है की भारत क्यों नहीं चंद्रयान 2 को सीधे चाँद पर क्यों नहीं भेज सकता है उसमे तो सिर्फ 3 से 4 दिन ही लगेंगे | तो दोस्तों आईये जानते है इन्ही सवालों के जवाब जब चंद्रयान 2 को जब सीधे भेज सकते थे तो चंद्रयान 2 को इतना क्यों घुमा रहे है वैज्ञानिक जी है इसरो के पूर्ब वैज्ञानिक बिनोद कुमार श्रीवास्तव ने बताया की अमेरिका रूस और चीन के तरह भारत भी चंद्रयान 2 सीधे चाँद पर भेज सकता है लेकिन इसके लिए जयादा ताक़तवर राकेट की जरूरत पड़ेगी चंद्रयान 2 में जयादा ईंधन की जरूरत पड़ती और इसकेलिए इसके आकर को बढ़ना पड़ता लेकिन ISRO वैज्ञानिक चंद्रयान 2 को पृथवी के चारो और इसलिए घुमा रहे है ताकि चाँद पृथ्वी के नजदीक आ जाये पृथ्वी के पांच चकर लगाने के दौरान चंद्रयान 2 चाँद के बेहद नजदीक आ जाये और उसके बाद चाँद के गुरुत्व आकर्सन शक्ति से वह चाँद की तरफ खीचेगा | तब ISRO वैज्ञानिक इसके गति को नियंत्रित कर इसे चाँद पर लैंड करायेगे | चंद्रयान 2 के 48 दिन के यात्रा के विभिन पड़ाव जी हा चंद्रयान 2 अंतरिक्ष यान 22 JULY से लेकर 6 अगस्त तक पृथ्वी के चारो तरफ चकर लगाएगा | इसके बाद 14 अगस्त से 20 अगस्त चाँद के तरफ जाने वाली लम्बी कक्षा में यात्रा करेगा | 20 अगस्त को ही ये चाँद की कक्षा में पहुंचेगा इसके बाद 11 दिन यानि 31 अगस्त तक वह चाँद तक चारो तरफ चकर लगाएगा | फिर 1 सितम्बर को बिक्रम लैंडर और बिटर से अलग हो जायेगा | और चाँद की दक्षिण धुर्व की तरफ यात्रा सुरु करेगा | पांच दिन के यात्रा के बाद 6 सितम्बर को बिक्रम लैंडर चाँद की दक्षिण धुर्व पर लैंड करेगा लैंडिंग के करीब 4 घंटा के बाद रोवर प्रज्ञार लैंडर से निकल कर चाँद के सतह पर विभिन प्रयोग करने के लिए उतरेगा यानि ये साफ है चंद्रयान 2 को भारत भी सीधे चाँद पर भेज सकता था लेकिन इसमें काफी ईंधन ताक़त और मेहनत की जरूरत पड़ता | इसलिए वैज्ञानिक इस इंतजार में है चाँद पृथ्वी के नजदीक आ जाये तब चंद्रयान 2 की चाँद पर उतारे इससे भारत कम खर्च में इतने बड़े मिशन को अंजाम दे सकता है अमेरिका ,रूस ,चीन जैसे देश काफी रूपये बर्बाद कर देते है | तो दोस्तों फ़िलहाल इस ब्लॉग में इतना है और खबरों के लिए मेरे ब्लॉग जरूर देखे

धन्यवाद ………….

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Satyam Soni

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